जिला कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पेंड्रा में पदस्थ तहसीलदार को तत्काल हटाने की गई मांग।।
पेंड्रा। जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गजमती भानु के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पेंड्रा में पदस्थ तहसीलदार अविनाश कुजूर को तत्काल हटाने की मांग की। कांग्रेसियों ने तहसीलदार की कार्यप्रणाली को निरंकुश, गैर- जिम्मेदाराना और जनविरोधी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। वहीं ज्ञापन में कहा गया कि तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन, आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र जैसे सैकड़ों प्रकरण जानबूझकर लंबित रखे गए हैं, जिससे आम नागरिकों को महीनों तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
साथ ही तहसीलदार द्वारा आम लोगों के फोन कॉल तक नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए इसे कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बताया गया। कांग्रेसियों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में बिना लेन-देन के कार्य नहीं होने की धारणा बन चुकी है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तहसीलदार का रवैया अत्यंत असंवेदनशील और मनमाना हो गया है, वे जनता की समस्याएं सुनना तक उचित नहीं समझते और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
वहीं राज्य शासन द्वारा 1 मई से 15 जून तक चलाए जा रहे “सुशासन तिहार” कार्यक्रम को भी पेंड्रा तहसील में पूरी तरह विफल बताया गया। जिलाध्यक्ष गहमरी भानु ने कहा पेंड्रा तहसील में आम जनता त्रस्त है। तहसीलदार की कार्यप्रणाली पूरी तरह जनविरोधी हो चुकी है। शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पा रही हैं। यदि तत्काल उन्हें हटाकर किसी सक्षम अधिकारी की पदस्थापना नहीं की जाती, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में सड़क से लेकर हर स्तर पर आंदोलन करेगी।।।
वहीं विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने कहा, “तहसीलदार की लापरवाही और मनमानी के कारण लोगों का प्रशासन से विश्वास उठता जा रहा है। ‘सुशासन तिहार’ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मजाक बना दिया गया है। यदि 7 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस ‘सुशासन तिहार’ के कार्यक्रमों में काले झंडे दिखाकर उग्र जनआंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि अविनाश कुजूर को तत्काल प्रभाव से पेंड्रा तहसील से हटाकर कार्यालय में अटैच किया जाए और उनके स्थान पर नए अधिकारी की पदस्थापना की जाए। साथ ही 7 दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।।।



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