पेंड्रा में नर चीतल पर कुत्तों का हमला, जंगल से भटककर पहुँचे नर चीतल पर कुत्तों ने किया हमला।।
पुलिस लाइन के जवानो ने चीतल का सफलता पूर्वक किया रेस्क्यू, वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुचकर चीतल को एम्बुलेंस से लाये पशु चिकित्सालय पेंड्रा।।
प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए करा गया कानन पेंडारी बिलासपुर रेफर।।।
पेंड्रा। पेंड्रा में नर चीतल पर कुत्तों का ने हमला कर दिया था, जंगल से भटककर पहुँचे नर चीतल पर कुत्तों ने हमला किया था। जिसके बाद पुलिस लाइन के जवानो ने चीतल का सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया गया था। जहां वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुचकर चीतल को एम्बुलेंस से पशु चिकित्सालय पेंड्रा लाए थे। वहीं प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए कानन पेंडारी बिलासपुर रेफर किया गया है।।
दरअसल पेंड्रा के अमरपुर में स्थित पुलिस लाइन परिसर में एक नर चीतल पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। जंगल से भटककर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचे चीतल को कुत्तों ने घेर लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस लाइन के जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से चीतल की जान बच सकी। बाद में वन विभाग की टीम ने उसे अपने संरक्षण में लेकर उपचार के लिए पशु चिकित्सालय पेंड्रा पहुंचाया।।।
वहीं जानकारी के अनुसार अमरपुर पुलिस लाइन परिसर में एक नर चीतल दिखाई दिया। संभवतः वह भोजन या पानी की तलाश में जंगल से भटककर आबादी क्षेत्र में पहुंच गया था। इसी दौरान आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले से घबराया चीतल इधर-उधर भागने लगा, लेकिन झुंड ने उसे घेर लिया और घायल कर दिया। वही मैदान में रोजाना की तरह खेलकूद कर रहे पुलिस लाइन के जवानों की नजर जैसे ही चीतल पर पड़ी तत्काल मौके पर पहुंचे और जवानों ने कुत्तों को खदेड़कर चीतल को सुरक्षित बाहर निकाला और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी एवं वन्यजीव बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायल चीतल का प्राथमिक परीक्षण किया।।।
वन विभाग की टीम ने घायल चीतल को वन्यजीव एम्बुलेंस के माध्यम से पशु चिकित्सालय पेंड्रा पहुंचाया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार चीतल के शरीर पर कुत्तों के काटने और हमले के कई निशान पाए गए हैं। उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज और विशेष निगरानी के लिए उसे कानन पेंडारी, बिलासपुर रेफर कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चीतल का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में कराया जाएगा और स्वस्थ होने के बाद उसे पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।।
वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस जवानों और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर रेस्क्यू नहीं होता तो चीतल की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। यह घटना वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में पहुंचने और उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता का विषय बन गई है। वहीं पुलिस की टीम में वन विभाग की टीम में पेंड्रा रेंजर, डिप्टी रेंजर, सहित पुलिस विभाग एवं वनविभाग की टीम ने रेस्क्यू किया गया था।।





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