विश्व आदिवासी दिवस का विरोध करने पर जिला कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर जताया विरोध।।

विश्व आदिवासी दिवस का विरोध करने पर जिला कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर जताया विरोध।

भाजपा सरकार ने आदिवासी अस्मिता का किया अपमान -  गुलाब कामरों।।।।

पेंड्रा। छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार द्वारा विश्व आदिवासी दिवस का विरोध और आदिवासी समाज को अपमानित किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन जिला प्रेस क्लब, पेंड्रा में आयोजित की गई। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी से नियुक्त प्रभारी पूर्व विधायक गुलाब कमरों, डॉ. के.के. ध्रुव, गजमति भानु, पुष्पराज सिंह ठाकुर, अर्चना पोर्ते, पहलवान सिंह मरावी, मूलचंद कुशराम सहित कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे। 

जिस पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गुलाब कमरों ने कहा कि भाजपा आदिवासी विरोधी है। विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा ने बधाई तक नहीं दी। आरएसएस के विरोध के कारण आदिवासी मुख्यमंत्री भी अपने समाज का उत्सव नहीं मना पा रहे हैं। उन्होंने कहा, "जिस प्रदेश की 32 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है, जहां दुनिया की सबसे प्राचीन आदिवासी सभ्यता निवास करती है, वहां की सरकार आदिवासी दिवस मनाने से परहेज कर रही है। यह आदिवासी समाज का अपमान है।" वहीं पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है।। 



यह हमें अपनी जड़ों को याद करने का दिन है। यह दिन जल, जंगल, जमीन और प्रकृति के बीच संतुलन बनाने वाली महान परंपराओं को नमन करने का दिन है। "हमारे आदिवासी समाज ने हमें सिखाया है कि जंगल हमारा जीवन है, जल हमारी सांस है, जमीन हमारी पहचान है और हमारी संस्कृति हमारी आत्मा है।।

वहीं जिला अध्यक्ष गजमति भानु ने कहा कि 9 अगस्त को पूरी दुनिया के आदिवासियों ने विश्व आदिवासी दिवस मनाया, लेकिन भाजपा के किसी नेता, यहां तक कि राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री का भी आदिवासियों के लिए बधाई संदेश नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएस आदिवासियों की संस्कृति और अस्मिता को नष्ट करना चाहती है। आरएसएस आदिवासियों को वनवासी बनाने पर तुली है, इसलिए वह आदिवासी दिवस का विरोध करती है।।।।।।।

वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज के दिन हम भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर और देश के असंख्य आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी अधिकारों और जल-जंगल-जमीन के अधिकार से कोई समझौता नहीं होगा।।।


भाजपा और आरएस भले ही आदिवासी दिवस का विरोध करें, आदिवासी समाज इसे गर्व से मनाता रहा है और मनाता रहेगा। वहीं इस अवसर पर प्रमुख रूप से शंकर कंवर, बेचू राम अहिरेश, पवन केशरवानी, सुनीता तीमोथी, दया सिंह वाकरे, सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे थे।।।

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